क्यों रद्द हो रही हैं इंडिगो की Flights? Indigo की स्थापना और विकास का पूरा लेखा-जोखा

इंडिगो की फ्लाइट आसमान में उड़ रही है

हेलो दोस्तों ,

भारत में कुछ दिनों से लोग IndiGO Flights की बहुत ज्यादा आलोचना कर रहे है । जो की गलत भी नहीं है , क्युकी पिछले 4 दिनों में ही लगभग 1700 से ज्यादा इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी है । 

इसकी वजह से काफी लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । लोगो को लाखो रूपये का नूकसान हो रहा है । जबकि उनकी गलती बिलकुल भी नहीं है ।

Indigo Flights cancel होने की वजह से आयी कुछ बड़ी समस्याएं :-

 


(1)इंडिगो किराए के मामले में मिडिल क्लास के लिए बेहतर थी । लेकिन अब दूर से आये मिडिल क्लास लोगो को फ्लाइट के कैंसिल होने के कारण महंगे होटलो में रुकना पड़ रहा है । जिनकी वजह से उन पर हज़ारो लाखो रूपए का भार बेवजह ही पड़ रहा है । 

(2) जिन लोगो को Flights मिल पा रही है । उनका किराया बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया है । जैसे : दिल्ली से लखनऊ का किराया 28000Rs पार कर गया है । ( NDTV इंडिया  के अनुसार)

(3) 65 लोगो का ग्रुप जो शादी में पुणे से उदयपुर आया था । उनकी दिल्ली से फ्लाइट जानी थी । लेकिन फ्लाइट रद्द होने के कारण पुरे 65 लोगो के ग्रुप को वही स्टे करना पड़ा ।

(4) यात्रियों ने कहा 6-7 घंटो तक फ्लाइट्स में बैठा के रखते है । फिर कहते है फ्लाइट कैंसिल हो गयी ।

    : ऐसी ही हज़ारो प्रॉब्लम आ रही है । इंडिगो फ्लाइट्स के लगातार  कैंसिल हो जाने के बाद से ।  

IndiGo ने क्या कहा :-

इंडिगो कंपनी ने इस  खराब व्यवस्था के पीछे काफी कारण बताये है जो इस प्रकार है :-

(1) DGCA (Directorate General of Civil Aviation) का FDTL के तहत नए रोस्टर नियमो की वजह से ऐसा हुवा ।

: नए रोस्टर  नियमो के अनुसार , क्रू मेंबर्स हर दिन 8 घंटे । हफ्ते में 35 घंटे । महीने में 125 घंटे । और साल में 1000 घंटे ही उड़ान भर सकते । । और पायलटो द्वारा हर सप्ताह की जाने वाली लैंडिंग 6 से घटाकर 2 कर दी गयी थी । ये नियम नवम्बर 2025 से लागु कर दिए गए थे ।

(2) मौसम की खराबी ।

(3) क्रू मेंबर्स की कमी ।

 

: खराब वयवस्था के चलते  इंडिगो और DGCA  के द्वारा यात्रियों को दी गयी राहत :-

 


(1) इंडिगो ने कहा की 5 से 15 दिसंबर तक यात्रियों द्वारा की गयी , फ्लाइट्स टिकट्स के cancelation  करने पर पूरा पैसा वापस दिया जायेगा । ( NDTV इंडिया  के अनुसार)

(2) इंडिगो द्वारा कहा गया की , एयरपोर्ट में यात्रियों को मुफ्त में खाना आदि सुविधाय दी जाएँगी ।

(3) इंडिगो के द्वारा सीनियर सिटीजंस को आराम करने और सोने की सुविधाय दी जाएँगी ।

(4) इसके अलावा  इंडिगो ने फ्लाइट्स के ऐसी खराब वयव्स्था के लिए माफ़ी भी मांगी ।

(5) DGCA ने अपने बनाये नए रोस्टर नियमो को वापस ले लिया है ।

इन् सब के चलते उम्मीद की जा रही है । की आने वाले कुछ दिनों में स्थिति  बेहतर हो सकती  है । इंडिगो के द्वारा जो सुविधाय दी गयी है वो काफी अच्छी है । वैसे आज लोग भले ही इंडिगो कंपनी की आलोचना कर रहे है । लेकिनये वही  भारतीय कंपनी है जिसको दो दोस्तों ने  जमीन से उठाकर इतना बेहतर बनाया था । की आज भी भारतीय एविएशन सेक्टर में इंडिगो की 60 फीसदी की हिस्सेदारी है। आइये जानते है इंडिगो की कंपनी को इतना बड़ा बनाने वाले, भारत के दो दोस्तों के बारे में ।

 

INDIGO के बनने का सुनहरा इतिहास :- 

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और NEWS में इंडिगो की बहुत ज्यादा आलोचना की जा रही है । यात्री ,विपक्ष ने नेता , जॉर्नलिस्ट सभी इसकी आलोचना कर रहे है । जो की गलत भी नहीं है । क्युकी सिर्फ 4 दिनों में ही 1700 से ज्यादा फ्लाइट्स का कैंसिल हो जाना (Danik Bhaskar  के अनुसार), कोई साधारण बात नहीं है । लेकिन हम बात करते है इंडिगो का भारतीय मार्किट में इतनी बड़ी कंपनी बन जाना , की वो आज भारतीय एविएशन सेक्टर में उसकी  60 % से ज्यादा हिस्सेदारी है ।

Story (कहानी) :

     इस कंपनी के बनने और इसकी सफलता के  पीछे दो दोस्तों की कहानी है । जिनका नाम था , राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया । इन्होने 2006 में इस कंपनी को बनाने की सुरुवात की थी । ये वो समय था जब भारत में पहले से ही काफी ज्यादा Airlines  थी। जैसे की Jet Airlines , इसके अलावा  kingfisher जो की एक luxury Airline थी । इनके अलावा भी भारत में काफी निजी  एयरलाइन्स थी और सरकारी एयरलाइन्स भी थी । इसलिए इस समय इस फील्ड में आना एक पागलपन था । लेकिन इन् दोनों ने इस फील्ड में ही आने का सोचा। और इंडिगो कंपनी बनायीं ।

थोड़ा समझिये  इसमें दो चीजे होती है , एक होती है विमान निर्माता कंपनी , जो विमान को मैनुफेक्टर करती है या बनाती है। और दूसरी चीज है एयरलाइन्स जो उन् विमानों को खरीदती है और उन्हें उड़ाती है । उस समय विमान निर्माता कम्पनीज में, दो ही बड़ी कम्पनीज थी :

Boeing
Airbus

      “इंडिगो ने इनमे से Airbus  को चुना ।  और इंडिगो ने नयी कंपनी होने के बावजूत ऐसा कुछ किया जिसने सब को हिला दिया । इंडिगो ने एयरबस से 100 विमानों की मांग की । यह काफी बड़ा आर्डर था, इसलिए airbus ने उन्हें लगभग 40% का डिस्काउंट दिया । “

जैसे : अगर 2,000 करोड रूपए की एक विमान है तो 100 विमान 2,00,000 करोड में आएँगी । लेकिन 40% डिस्काउंट होने  के कारण इंडिगो को यह 100 विमान 1,20,000 करोड रूपए में मिल गए । इंडिगो ने कहा की उनको  हर 45 दिन के अंतराल पर एक विमान चाहिए । इससे दोनों को ही फायदा हुवा । एयरबस को भी 100 विमान जैसे बड़े आर्डर को पूरा करने का समय मिल गया । और यही पर इंडिगो ने सबसे ज्यादा समझदारी दिखाई । उन्होंने ये 100 विमान दूसरी निजी कम्पनीज को 20% discount पर बेचना सुरु कर दिया । अर्थात जिन कम्पनीज को जो विमान 2,000 करोड में मिल रहा था , वो उन्हें 1600 करोड़ में उपलब्ध करवा दी । जिनसे उन्हें सीधे तोर पर ही काफी करोड़ रूपए का फायदा हो गया । और उसी पैसे से उन्होंने नए विमान ख़रीदे ।

इंडिगो का अपनी अलग पहचान बनाना :-

उन्होंने अपने विमानों को उड़ाना शुरू किया । पर यही सबसे जरूरी था की लोग इंडिगो की plans को ही क्यों चुने । जब यहाँ पहले से ही पुरानी और विश्वाशपूर्ण फ्लाइट्स है । तब उन्होंने भारतीय लोगो की phycology को समझने की कोशिश की । भारतीय लोग comfort से ज्यादा काम पैसे देना पसंद करते है । इसलिए  IndiGo airlines ने पहले ही टिकट की price को कम कर दिया । जिससे मिडिल क्लास आदमी भी plan में सफर कर सके ।

एक  तरह से उन्होंने फालतू खर्चो के बजाए यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया । और यही भारत में इंडिगो की सफलता का सबसे बड़ा कारण बानी , क्युकी उस समय kingfisher जैसी एयरलाइन भी चलती थी जिनमे बहुत ज्यादा luxury services हुवा करती थी । इसलिए  मिडिल क्लास लोगो के लिए इंडिगो पहली पसंद बानी ।

“इसलिए कहते है जिंदगी में एक बार कुछ करने का ठान लो तो कुछ मुश्किल नहीं । अगर आप भी एक ऐसी ही असल कहानी से कुछ सीखना चाहते है , तो ये जरूर पढ़े,, ये कहानी आपको जिंदगी जीने का बेहतर तरीका बताएगी :

ज़िंदगी के ये 10 साल: स्ट्रेस और ग्रोथ का सफ़र!

चलिए अपनी Story पर वापस आते है ।

 IndiGo का Hub & Spoke Model :

 


इंडिगो ने समझदारी दिखाते हुए , फ्यूल बचाने के लिए Hub & Spoke Model से काम किया । जैसे की भारत में दिल्ली hub है और बाकि बड़े सहर Spoke है ।  सभी  spoke की फ्लाइट्स स्पोक को हब से जोड़ती है । जिससे खर्चा भी काम होता और फ्यूल की भी बचत होती । एक दूसरी बात यह  थी की  बाकि एयरलाइन्स जैसे Jet airways में काफी फ्लाइट्स कैंसिल और देरी से चलती थी । लेकिन    इंडिगो एयरलाइन्स हमेशा समय पर चलती थी । यही कारण था की कुछ ही सालो में जेट एयरवेज को बहुत ज्यादा घाटा हुवा और उन्हें यह कंपनी बंद करनी पड़ी ।

IndiGo कंपनी के Rise में आयी समस्याए :

 


(1) 2008 में आये ग्लोबल इकनोमिक क्रेश से तेल की कीमते बहुत ज्यादा बढ़ गयी । उस साल इंडिया में सभी एयरलाइन्स को करोडो का घाटा हुवा । लेकिन उसी साल इंडिगो अकेली कंपनी थी जिसने 82 करोड़  का मुनाफा किया था ।

(2) 2018 -19 में जीन दो दोस्तों , राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया ने ये कंपनी शुरू की थी । उनके बिच में झगडे होने शुरू हो गए । जो की इतने ज्यादा हुए की राकेश गंगवाल ने आरोप लगाया की , IndiGo कंपनी के फैसले shareholders से ज्यादा राहुल भाटिया के फायदे लिए होते है । इसके बाद राकेश गंगवाल ने 2022 में  कंपनी से स्तीफा दे दिया । ( जनसत्ता  के अनुसार )

पर इन् सब के बावजूद भी इंडिगो ने अपनी  व्यक्तिगत समस्यावो को business में नहीं आने दिया। और कंपनी के profits में कोई कमी नहीं आयी ।

(3) covid -19 ke समय में जब सब कुछ बंद हो गया था । सभी एयरपोर्ट खाली पड़े थे । सारा मार्किट loss में जा रहा था । तो इन्होने अपने पायलेट्स और क्रू मेंबर्स की तनख्वा  को आधा कर दिया । और अपनी IndiGo flights को  “car Go ” में बदला । जिससे की कुछ हद तक स्थति सुधर सके और कुछ profit हो सके ।

निष्कर्ष :

तो जैसे की आपने देखा की , आज भले देश में हर कोई IndiGo Airlines की आलोचना कर रहा है । लेकिन यह वही एयरलाइन्स है जिन्होंने भारत को एयरलाइन सेक्टर में काफी उचाईयो तक पहुंचाया है । हां , फिलहाल इसकी खराब वयवस्थाओ और 4 दिन में 1700 से भी ज्यादा Airoplan  रद्द हो जाने के कारण देश की जनता में गुस्सा है । लेकिन  उम्मीद है की नए रोस्टर नियमो को वापस लेने के बाद स्थिति सही हो जाएगी । और पहले की ही तरह IndiGo Airlines समय पर लोगो को उनके गंतव्य स्थान तक पहुचायेगा ।

धन्यवाद !

 

 

 

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top