हेलो दोस्तों ,
इन दिनों एक Movie Dhurandhar ( धुरंधर), लोगो के बिच बहुत ज्यादा चर्चा में है । कुछ लोग इसके Voilance को दिखाने के तरीके को गलत बता रहे है । वही बहुत से लोग इस फिल्म को सच्चाई कह कर इसके साथ में भी है। इन दोनों ही पक्षों के अपने अपने मत है ।
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लेकिन अगर सही मायनो में देखा जाए – तो अच्छी बात यह है की , इस फिल्म में पाकिस्तान में हो रही या हो चुकी , भारतीय जासूसों की निर्मम हत्याओं , को दिखाया गया है। इसके अलावा साफ़ तोर पर दिखाया है की किस तरह से पकिस्तान के आतंकवादियों के द्वारा , भारत की निर्दोष जनता को बेरहमी से मारा गया । और बम ब्लास्ट के द्वारा सेकड़ो भारतीय निर्दोष लोगो की जान ली ।
ये सब एक सच्चाई है , जिसे भारत के लोग कभी नहीं भूल सकते । और भूलना भी नहीं चाहिए । तो अगर एक भारतीय फिल्म भारत में हो चुके आतंकी हमलो और पकिस्तान के द्वारा किये गए अत्याचारों को भारतीय लोगो को दिखाना चाहती है । तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
[जैसे कुछ ही दिनों पहले , एक यूट्यूब चैनल (The Raunak podcast) पर लक्ष्मण सिंह बिष्ट (एक पूर्व भारतीय जासूस, एनएसजी कमांडो और स्नाइपर ) ने बताया की फिल्म में जो हिंसात्मक दर्शय दिखाए गए है। असल में उनसे कही ज्यादा हिंसा हकीकत में की जाती है। ]
तो इससे हम ये तो बिलकुल समझ सकते है , की ये फिल्म हकीकत की झलक है। और आखे फेर लेने से हकीकत नहीं बदलती है ।

धुरंधर फिल्म में दिखाई गलत चीजे :-
इस फिल्म में कुछ बाते गलत तरीके से भी दिखाई गयी है । जैसे की हम जानते है की , पाकिस्तान के लियारी में रहने वाला “रहमान डकैत” नामक व्यक्ति एक बड़ा अपराधी था । ऐसा जालिम जिसने 15 साल की उम्र में ही अपनी माँ को मार दिया । और ऐसे व्यक्ति के किरदार को यह फिल्म बहुत हद तक Glamorise ( आकर्षक) करती है । यह किरदार ” अक्षय खन्ना” ने निभाया था । इसके अलावा ” अर्जुन रामपाल” ने भी ISI एजेंट ” मेजर इक़बाल” का किरदार निभाया था । इन दोनों ही किरदारों को यह फिल्म बहुत ज्यादा आकर्षक बनाने का काम करती है ।
जिसका नतीजा आज सोशल मीडिया ट्रेंड्स साफ़ दिखाते है । जहा भारत के ही लोग , अपने देश के लोगो को बेरहमी से मारने वाले आतंकवादियों के नाम पर बेहतरीन videos बना रहे है । लोग आतंकवादियों शान में videos बना रहे है , जो की गलत है ।
लेकिन आपको जिनके बारे में जानना चाहिए । वो ये सारे आतंकवादी नहीं , बल्कि देश का एक असली हीरो है ।
जिनका नाम है , Ajit Doval !

अजित डोभाल ( भारत के सच्चे हीरो) :-
भारत देश के एक सच्चे हीरो । जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी आतंकवादियों से देश की रक्षा, में लगा दी । और बहुत ही दुःख होता है यह जानकर की, “Dhurandhar” फिल्म में इनका किरदार दिखाने के बावजूद भी लोग , ऐसे नायक को छोड़ कर, आतंकवादियों को विख्यात करने में लगे है ।
अजित डोभाल का जन्म 20 जनवरी 1945 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के घीड़ी बानेलस्यूं गाँव में हुआ था । अजित डोभाल ने 1968 के बैच में IPS (Indian Police Service) में ” केरल कैडर ” के कोट्टायम जिले के ASP (Assistant Superintendent of Police) अधिकारी के तोर पर कार्यभार संभाला ।
उसके बाद , जैसे की हम जानते है की 1971 में भारत और पकिस्तान के बिच युद्ध हुवा था [ पूर्वी पकिस्तान ( वर्तमान बांग्लादेश) को सवतंत्र बनाने हेतु ] . उसी समय अजित डोभाल जो 4 साल से IPS में थे । 1971 में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ज्वाइन करते है । और 1972 से ही लगभग 7 सालो तक पकिस्तान में ख़ुफ़िया तोर पर रहकर , जासूसी करते है ।
इसके अलावा अजित डोभाल ने 1971 से 1999 तक 15 विमानों की हाइजैकिंग को रुकवाने में भूमिका निभाई थी । (विकिपीडिया के अनुसार )
आतंकवादियों द्वारा किये गए भारतीय विमान हाईजैक का समाधान करना :

24 दिसंबर 1999 को नेपाल से दिल्ली जा रहा इंडियन एयरलाइन्स का विमान IC-814 को आतंकवादियों के द्वारा हाइजेक कर लिया गया था । इस विमान में 170+ यात्री थे । जहा आतंकवादियों ने बन्दुक की नोक पर पायलेट को कहा की इसे पकिस्तान ले जाओ । लेकिन फ्यूल कम होने के कारन इसे अमृतसर ( पंजाब )में फ्यूल भरवाने के लिए उतारा गया । उधर भारत सरकार जनता और मीडिया के बहुत ज्यादा दबाव में थी । अमृतसर में फ्यूल भरने में देरी होने के कारण आतंकवादियों को शख हुआ और उन्होंने बिना फ्यूल भरे ही विमान को फिर से हवा में उड़ा दिया ।
इसके बाद उन्होंने विमान को दुबई में उतारा । और फ्यूल भरवाने के बाद कांधार (अफगानिस्तान) ले गए और वहाँ पर विमान को निचे उतारा । इसके बाद इन आतंकवादियों से Negotiate ( बातचीत ) करने के लिए भारत से 7 लोगो की टीम भेजी जाती है । उन सात में से एक अजित डोभाल भी थे । टीम ने उनसे बात की तो आतंकवादियों ने भारत सरकार से , 200 मिलियन डॉलर देने और साथ में भारत की जेल में कैद 36 आतंकवादियों की रिहाई की मांग की ।
लेकिन अजित डोभाल ने समझदारी से उनसे बातचीत की । और काफी घंटो की बातचीत और समझाइस के बाद अजित डोभाल ने उन्हें तीन आतंकवादियों की रिहाई मात्र से ही मना लिया । जिन्हे भारत सरकार द्वारा यात्रियों को बचाने हेतु रिहा करना पड़ा ।
ये तीन आतंकवादी इस प्रकार थे :-
(1) मसूद अजहर :- मसूद अजहर को फरवरी 1994 में पुर्तगाली पासपोर्ट पर फर्जी पहचान के साथ दाखिल होने के कारण, जम्मू- कश्मीर में गिरफ्तार किया गया था । जिसे जम्मू की भलवाल जेल में रखा गया था ।
मसूद अजहर ने 1999 में रिहाई होने के बाद पकिस्तान में जैश – ए – मोहम्मद नामक आतंकी संघठन की स्थापना की । उसने 1999 से वर्तमान तक बहुत सी आतंकी घटनाओ को अंजाम दिया । ख़ुफ़िया रिपोर्ट्स की माने तो वो आज भी जिन्दा है और पकिस्तान के POK क्षेत्र में छिपा हो सकता है ।
(2) अहमद उमर सईद शेख :- यह अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी था । ये अमेरिका के एक मशहूर पत्रकार की हत्या में शामिल था । भारत में इसे 1994 में विदेशी पर्यटकों के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । और तिहार जेल में रखा गया था ।
(3)मुस्ताक अहमद जरगर :- इसे 1992 में भारत में गिरफ्तार किया गया था । यह 50 के लगभग हत्याओं औरमुफ़्ती मुह्हमद सईद की बेटी डॉक्टर रुबैया सईद के अपहरण में भी शामिल था ।मुफ़्ती मोह्हमद सईद भारत के पहले मुस्लिम ग्रहमंत्री 2 दिसम्बर 1989 को बने थे और 8 दिसम्बर 1989 को उनकी बेटी का अपहरण किया गया था । उनकी बेटी को छोड़ने के बदले उन्होंने अपने 5 आतंकी साथियो की रिहाई मांगी थी । जिसे सरकार द्वारा मान लिया गया था ।
उस समय प्रधान मंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह (V.P. Singh) थे । 1999 में हुई विमान हाईजैक के कारण इनकी रिहाई की गयी । और रिहाई के बाद इसने अल – उमर मुजाहिदीन नामक आतंकी संघठन को फिर से सक्रिय किया ।
“यह तीनो ही पकिस्तान के बहुत बड़े आतंकवादी थे । लेकिन 170 लोगो की जान के बदले भारत सरकार को यह कदम उठाना पड़ा । और उन्हें रिहा करना पड़ा । पर यह बात भी देखने योग्य है की इन्होने 1999 की रिहाई के बाद सेकड़ो भारतीय निर्दोष लोगो और सैनिको को मारा है । और आज भी अपना आतंकी संघठन चला रहे है ।
फिलहाल ही हुए ” ऑप्रेशन सिन्दूर ” के बाद सूत्रों के द्वारा एक वीडियो आया था । जिसमे मसूद अजहर ने कहा की भारत के द्वारा किये गए इस हमले में उसके परिवार के काफी लोग मारे गए है ।”
अजित डोभाल के अन्य प्रमुख कार्य :-
- अजित डोभाल ने ऑप्रेशन सिन्दूर ( पहलगाम में 26 लोगो को आतंकवादियों द्वारा मारा गया था, के जवाब में ) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । और 7 मई 2025 को पकिस्तान के सटीक आतंकवादी ठिकानो पर वायु सेना द्वारा हमला करवाया ।
- 2014 में आतंकवादियों ने ईराक में 40 से ज्यादा भारतीय नर्सो को बंधक बना लिया था । इसमें वो खुद गुप्त रूप से ईराक गए और नर्सो को वापिस भारत लेकर आये ।
- 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक , जिसमे जैश – ए – मोहम्मद के काफी ठिकानो पर हमला किया गया । और आतंकवादियों को मारा गया । यह स्ट्राइक पुलवामा हमला ( 40 CRPF के जवान शहीद हुए थे ) के जवाब में की गयी थी ।
निष्कर्ष :-
इस तरह से हम समझ सकते है की अजित डोभाल ने भारत और भारत के लोगो की सुरक्षा के लिए क्या क्या किया है । उन्हें भारत का चाणक्य भी कहा जाता है । उन्होंने पिछले कई दसको से भारत पर हुए हमलो में समझदारी के साथ जवाबी कार्यवाई की है ।
पर ये भारत की जनता भी कमाल है । ऐसे हीरो को भूलकर एक क्रूर आतंकवादी की शान में बखान कर रहे है । उनको समझना चाहिए की देश का असली नायक कौन है जिसने बार बार भारत के निर्दोष लोगो की जान बचाई है । अगर आप भी एक ऐसे नायक बनना चाहते है तो अपने जिंदगी को अपने ढंग से चलाने और जिंदगी को समझने के लिए ये पोस्ट जरूर पढ़े । ये Story बहुत हद तक आपको समझाने में मदद करेगी :
ज़िंदगी के ये 10 साल: स्ट्रेस और ग्रोथ का सफ़र!
उम्मीद है अजित डोभाल के ऐसे साहसी कार्यो को भारत की आगामी पीढ़ी जरूर याद रखेगी ।
धन्यवाद !
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