हेलो मेरे दोस्तों ,
इस दुनिया सच में बहुत ही अजीब है। और रहस्यों से भरी हुयी है । एक तरफ ऐसी इंसान होते है जिनका कोई दोस्त नहीं होता। और दूसरी तरफ वो जिन्हे दोस्तों की क़दर नहीं होती। और कुछ दोस्त भी ऐसे होते है जो शायद क़दर के लायक भी नहीं होते । शायद आप भी आज उन्ही दोस्तों से पीछा छुड़वाना चाहते है। तो में आपको बताऊंगा की आप अपने Dost se Dosti kaise khatam kare. लेकिन ये कोई अलग लोग नहीं होते है। बल्कि एक ही इंसान ये सारी भूमिकाये निभा सकता है । हो सकता है आपको भी कोई पसंद न करता हो , तो उसके नजरिये से आप खुद वही दोस्त बन गए जो कदर के लायक नहीं है।
आज में सिर्फ आपके ही नजरिये की बात करता हु। एक दोस्त जो आपका कभी खास था । लेकिन अब कुछ करने की वजह से आप उसको छोड़ना चाहते है। ऐसा करना गलत नहीं है , क्युकी आपका जिस पर मन ही नहीं है, उसके साथ रहना न रहना बराबर है। फिर औपचारिकता की भी क्या ही जरुरत है।
लेकिन में आपसे कहूंगा की उसको छोड़ने से पहले ,आपको कुछ बाते एक बार फिर से सोच लेनी चाहिए। क्युकी खास दोस्ती अगर एक बार टूट जाती है तो फिर वापस नहीं जुड़ती। और जुड़ भी जाय तो वो पहले वाली बात नहीं रहेगी। सिर्फ औपचारिकता ही रह जाएगी। ये वो कुछ कारण है। जिनकी वजह से शायद आप अपनी दोस्ती तोडना चाहते है :-
ये 4 कारण इस प्रकार है :-
- आपको लगता है की वो आपका समय बर्बाद कर रहा है। उसके साथ रहकर सिर्फ टाइम – पास हो रहा है ।
- दोस्ती सिर्फ एकतरफा है ।
- किसी तीसरे ने आपको कुछ कहा, इसलिए आप उसको छोड़ रहे है ।
- आप उससे Jealous ( जलना) हो रहे है या वो आपसे ।
इनमे से कोई भी Reasons हो सकते है। अपने दिल से पूछिए , जो सच हो उस कारण को मानिये । क्युकी बहुत बार हम सच को अपनाना नहीं चाहते । और इनके अलावा भी बहुत से कारण हो सकते है। लेकिन आज में सिर्फ इन्ही कुछः कारणों की बात करूँगा ।
(1)आपको लगता है की वो आपका समय बर्बाद कर रहा है या उसके साथ रहकर सिर्फ टाइम-पास हो रहा है :-
ये सोचना गलत बिलकुल नहीं है । क्युकी ये आपकी जिंदगी का सवाल है और जिंदगी में Carrier बनाना और Successfull बनना बहुत जरुरी है । वैसे क्या आप जानना चाहते है की असल में एक successfull इंसान कौन होता है, निचे दी गयी पोस्ट आपको इसका सम्पूर्ण जवाब देगी :-
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चलिए अपनी बात पर आते है , एक दोस्त जो आपसे रोज बात करता है । टेक्स्ट या फ़ोन पर। और जाहिर है आप भी उससे बात करते है । लेकिन आखिर ये बाते होती क्या है । सिर्फ मन का बहलाना होता है। हम जब उनसे बात कर रहे होते है , तब तक अच्छा लगत है , लेकिन कुछ देर बाद overthink करते है । ” की में ये क्या कर रहा हु , में सिर्फ अपना समय बर्बाद कर रहा हु ” में आपको कहूंगा की एक बार ये छोटी सी कहानी (story) पढ़ लीजिये। आपके इस कारन से जुड़े हुए सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे ।
कहानी (STORY) :
“ये कहानी आज से 400 साल पुरानी है, जब देश में राजाओ का राज हुआ करता था । उस समय या तो प्रजा के लोग मजदूरी कर सकते थे , जिसमे ज्यादा पैसे नहीं थे और इज्जत तो बिलकुल नहीं । वहा आम आदमी के लिए सिर्फ एक ही इज्जतदार और पैसे वाले काम था । और वो था , राजा की सेना में भर्ती होना। तो उसी समय आप ही की तरह दो दोस्त थे । एक का नाम था मोहन और एक था विजय। दोनों ही बहुत अच्छे दोस्त थे। इतने खास दोस्त थे , की सारे दिन साथ रहते । जो भी मजदूरी का काम करते साथ में करते , और मिलने वाले पैसे भी मिल – बाट के खा लेते । लेकिन विजय का कभी मन नहीं था , मजदूरी करते रहना और गरीबी में जीना। वो आमिर बनना चाहता था । तो उसने सेना में जाने का सोचा । लेकिन सेना में एक अच्छे पद पर होना इतना भी आसान नहीं था । इसके लिए उसे गांव छोड़कर, नगर के प्रशिक्षण शिविर में जाना था। और उसने जाने का फैसला कर लिया ।
मोहन उसको रोकना चाहता था । पर ज्यादा कुछ बोल नहीं पाया । विजय भी मोहन से दोस्ती नहीं तोड़ रहा था । उसने सोचा था की कुछ साल सिर्फ मेहनत करके अच्छे पद पर पहुँच जाऊ । फिर मोहन को वही बुला लूंगा । और दोनों दोस्त अमीरो की जिंदगी जियेंगे । लेकिन ये बात उसने मोहन को नहीं बताई क्युकी वो उसको ऐसी उम्मीद नहीं देना चाहता था । जिसके टूटने पर वो बहुत दुखी हो ।
विजय नगर में आ गया , और उसने प्रशिक्षण सुरु कर दिया । और बहुत म्हणत कर के साल भर में ही सेना में भर्ती हो गया । धीरे धीरे उसके अच्छे कौशल को देख कर राजा ने उसको ऊँचा पद भी दे दिया । उसके पास बहुत सी दौलत , शान , इज्जत आ गयी । धन से वो अपनी जिंदगी में जो चाहे वो कर रहा था । पर कुछ दिनों से उसके दिमाक में एक बात थी , ये सब लोग सिर्फ मेरे पद की इज्जत करते है न की मेरे व्यक्तित्व की। यह सोचते सोचते ही उसको अपने दोस्त की याद आयी , जो बहुत ज्यादा गरीबी में भी उसके साथ रहता था ।उसको मेरे धन से कोई मतलब नहीं था । वो बस मेरे व्यक्तित्व से ही प्रेम करता था । यहाँ कितना भी पैसा , नौकर , क्यों न हो पर मेरे दोस्त की तरह मुझे सराहने वाला तो कोई नहीं है ।उसने अगले दिन गांव जाकर उसको अपने बड़े घर में लेन का सोचा । जिसे की की वो कुछ साल पहले सोच के यहाँ आया था ।
विजय सुबह होते ही महंगी पोशाक पहन कर अपने घोड़े और सिपाहियों के साथ गांव में चल दिया । वो मोहन अपनी कमाई हुई दौलत और शान दिखाना चाहता था , ताकि वो उसकी सराहना करे । और फिर वो उसको वापस अपने नगर ले आये । विजय , मोहन के घर के सामने पहुंचा । उस घर की बहुत ही खराब हालत हो चुकी थी , जैसे की वो एक खंडर हो । वो अंदर गया तो आस्चर्य – चकित रह गया । मोहन के घर में कुछ नशा करने वाले , नशीली चीजे पि रहे थे । वो भाग कर उनके पास गया , और उन पर चिल्लाया । की तुम सब मेरे दोस्त के घर में ये सब क्या कर रहे हो , और मेरा दोस्त मोहन कहाँ है।
वह बैठे लोगो में से एक उसके पास आया और कहाँ । मोहन तो साल भर पहले ही मर चूका है । तुम्हारे जाने के बाद वो मजदूरी पर तो जाता पर इतना काम नहीं करता था । क्युकी उसका काम में मन नहीं लगता था । तो किसी भी ठेकेदार ने उसको काम नहीं दिया । तो वो शराब में ही डूबा रहता था । और एक रात को वो मर गया ।
ये सुन कर विजय सुंन पड़ गया । वो घर से निकला , और सिपाहियों को वापस जाने को कहा। और वो खुद अकेले , पैदल ही कही निकल गया । वो वापस न तो गांव में आया और न ही नगर में गया।”
सिख (moral) :
यह कहानी हमे बताती है की , जिंदगी में ये जरुरी नहीं है की आप कितने अमीर है , जरुरी यह की आप दिल से कितने खुश है । succesfull होना , अमीर होना नहीं होता है । हां , पैसा कमाना जरुरी है । लेकिन पैसे कमाते कमाते भी , अपनों के लिए थोड़ा वक्त निकला जा सकता है । क्युकी इंसान पैसो से वक्त नहीं खरीद सकता है । कोई नहीं जनता की किसके पास कितना वक्त है । तो हमारी बनाई हुई सालो तक की योजनाए व्यर्थ है । वर्तमान में सबसे जरुरी यही है , की आप वर्तमान में कितने खुश है ।
: तो इसलिए अगर आपको दोस्त के रहना पसंद है ,लेकिन ऐसा भी लगता है की समय बर्बाद हो रहा है । तो आप दोस्ती को पूरी तरह से ख़त्म न करे , धीरे धीरे अपना समय देना काम कम करे । उसको पूरी तरह से न छोड़े , और साथ साथ बताते रहे की आप कम क्यों मिल रहे है । दोस्ती रोज बात करते रहने से गहरी नहीं होती है । अगर वो भी आपको खाश दोस्त मानता है, तो चाहे आप मिलना बहुत कम भी कर दे । तो भी वो आपको अपना खाश दोस्त ही मानेगा ।
2. दोस्ती सिर्फ एकतरफा है :-

ये एक बहुत ही समझदारी भरा फैसला होगा । अगर आप ऐसे दोस्त को छोड़ना चाहते है , जिसको आप अपना खास दोस्त मानते है । लेकिन वो आपको दोस्त नहीं मानता । लेकिन अगर आप एक दोस्त की ही बात कर रहे है। जो आपको उतना खाश नहीं मानता जितना की आप मानते है । तो आपको उसे थोड़ा समय देना चाहिए। वैसे एक बेहतर तरीका यह है की, आप उनसे दिखावटी तोर पर थोड़ा दूर होने लग जाइये । क्युकी इंसान से जो चीज दूर होती है , वो उसी की ज्यादा कदर करता है , और याद करता है । आप उनके जितना पास जाने की कोशिश करेंगे , वो आपको उतना ही समान्य समझेंगे और आपसे दूर जायेंगे ।
अर्थात इस कारन की वजह से अगर आप जानना चाहते है की अपने Dost se Dosti kaise khatam kare तो ऐसा करने की जरुरत बिलकुल नहीं है । समय के साथ सब ठीक होगा ।
पर यदि ये बात दोस्तों के एक ग्रुप की है। जहा आप अपने दोस्तों के ग्रुप में हमेशा ही मजाक बन कर रह जाते हो । सच कहु, तो मेने ये दोनों ही पात्र निभा कर देखे है। क्युकी में एक ऐसे ग्रुप में भी था , जो सिर्फ मेरा मजाक बनाते और मुझ पर हसते थे । और इसीलिए मुझे पता है की इसमें बहुत तकलीफ होती है। अगर आप इस तरह की स्थिति में है , तो आपको आज ही ऐसे ग्रुप को छोड़ देना चाहिए । ऐसा बिलकुल नहीं है की इससे आप अकेले हो जायेंगे । ये दुनिया बहुत बड़ी है, और यहाँ अकेले लोगो की कोई कमी नहीं है। और जब दो अकेले मिल जाय, तो वही खास दोस्त बन जाते है ।
3. किसी तीसरे ने आपको कुछ कहा , इसलिए आप उसको छोड़ रहे है :
अगर आप इस वजह से दोस्ती को तोडना चाहते है । तो आपको सबसे पहले स्टेप ये लेने की जरुरत है की आप अपने दोस्त के पास जाइये । और उससे साफ़ साफ़ कहिये की , उस तीसरे आदमी ने क्या कहा । आप चाहे तो उस तीसरे आदमी का नाम छुपा सकते है । लेकिन बात को बताना बहुत जरुरी है । क्युकी गलतफमिया दोस्ती में हो सकती है । और अगर समय रहते इन् गलतफमियों को नहीं हटाया गया । तो ये छोटी सी बात ही आपकी सालो की दोस्ती को हमेशा के लिए खराब कर देगी । और एक बार दिल से दोस्ती निकल गयी तो वो वापस नहीं आएगी । आएगी तो सिर्फ औपचारिकता ।
क्या पता जो बात आपके लिए बहुत बड़ी बन चुकी है । वो असल में कुछ हो ही ना या पूरी तरह से ही अलग हो । इसलिए जल्दी से जल्दी अपने दोस्त के पास जाइये और उससे बातचीत कीजिये । सब सही हो जायेगा ।
4.आप उससे Jealous ( जलना) हो रहे है या वो आपसे :
यह वो कारण है जिसको कोई स्वीकार नहीं करता है । ऐसा हो सकता है की आपका दोस्त आपसे जलता हो । पर आप ये कभी स्वीकार नहीं करते की आप अपने दोस्त से जलते है । जलना, उसकी किसी भी खासियत से हो सकता है। जैसे की वो बहुत ज्यादा हैंडसम है , या वो पैसे वाला है , या उसमे कोई ऐसी खास बात है जो आपमें नहीं है । अगर आप इस बात को नहीं मान सकते , तो जाहिर है वो भी अपने मन में खुद को किसी से जलने वाला नहीं मान सकता । पर अगर ये समझ पा रहे की वो सीधे तोर पर आपकी किसी खूबी या आपके साथ कुछ अच्छा होने से जलता है । और आपको ये बात खराब लगती है ।
तो आपको बिलकुल ही उसको छोड़ देना चाहिए। क्युकी ऐसा दोस्त , आपका खास दोस्त बिलकुल नहीं हो सकता। आप उसको कुछ इस प्रकार छोड़ सकते है :-
एक ही दिन में नहीं । बल्कि पहले उससे थोड़ा बात करना कम कर दो । जो बाते करो वो नार्मल होनी चाहिए । न ज्यादा interst लेना और न ही बिलकुल ignore करना । उसको सामने से कॉल या मैसेज न करे । जब वो बात करे तो बहुत कम बात करे । आप उसके बारे में सोचना भी बंद कर दे । 1 या 2 महीने तक का समय ले , ताकि उसको बुरा न लगे । क्युकी किसी से जलना कोई अपराध नहीं है , यह भी इंसान का एक भाव है । आपको भी कभी न कभी किसी से थोड़ी देर के लिए जलन तो हुयी ही होगी । और इसका लिमिट में होना सामान्य है । पर अगर ये बहुत ज्यादा है , तो आपको ऐसे इंसान के साथ नहीं रहना चाहिए । और जैसे मैंने कहा ही था इस दुनिया में अकेले की कोई कमी नहीं है । जो आपका अच्छा और खास दोस्त बनने के लिए तैयार बैठा है ।
उम्मीद है , आपको मेरी बताई बाते पसंद आयी होंगी ।
धन्यवाद !
